50% OFF ON ALL GEMSTONES !

शुक्र देव का रत्न वाइट टोपाज धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

शुक्र देव का रत्न वाइट टोपाज रत्न है
अगर आपकी कुंडली में शुक्र देव डिग्री की कम है
या फिर शुक्र देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और षटबल में कमजोर है तो
आप वाइट टोपाज रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे शुक्र देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि शुक्र देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर शुक्र देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information About White Topaz

  1. Ruling Planet – Venus
  2. Color – White
  3. Chemical formula – Al2SiO4(F,OH)2-White
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Orthorhombic
  6. Gravity – 3.51 Approx.
  7. Refraction – 1.60-1.64
  8. Elemant – Water ( Jal Tatva )

मंगल देव का रत्न मूंगा धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

मंगल देव का रत्न मूंगा रत्न है इसे अंग्रेजी भाषा में कोरल जेमस्टोन के नाम से जाना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में मंगल देव की डिग्री कम है
या फिर मंगल देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और शतबल में कमजोर है तो
आप मूंगा रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे मंगल देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि मंगल देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर मंगल देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।
Basic Information OF coral Gemstone

  1. Ruling Planet – Mars
  2. Color – Red
  3. Chemical formula – Ca Co 3 – Red
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Orthorhombic
  6. Gravity – 2.60 Approx.
  7. Refraction – 1.55 ( Spot )
  8. Element – Fire ( Agni Tatva )

चंद्र देव का रत्न मोती (Pearl) धारण करते समय रखे इन बातो का ध्यान

चंद्र देव का रत्न मोती रत्न है इसे अंग्रेजी भाषा में पर्ल जेमस्टोन के नाम से जाना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में चंद्र देव को ग्रहण दोष लगा है या चंद्र देव की डिग्री कम है
या फिर चंद्र देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या केमद्रुम दोष है या अमावस्या दोष है तो ऐसे में
आप मोती रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे चंद्र देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएंगे
क्योकिचंद्र देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर चंद्र देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information of Pearl

  1. Ruling Planet – Moon
  2. Color – White
  3. Chemical formula – Ca Co 3
  4. Luster – Semi Vitreous
  5. Crystal – Orthorhombic
  6. Gravity – 2.76 Approx.
  7. Refraction – 1.53 ( Spot )
  8. Element-water ( Jal Tatva )

सूर्य देव का रत्न मानक(Ruby)धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

सूर्य देव का रत्न मानक रत्न है इसे अंग्रेजी भाषा में रूबी जेमस्टोन के नाम से जाना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में सूर्य देव को ग्रहण दोष लगा है या सूर्य देव की डिग्री कम है
या फिर सूर्य देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है तो ऐसे में
आप मानक रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे सूर्य देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएंगे
क्योकि सूर्य देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर सूर्य देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information of Ruby Gemstone

  1. Ruling Planet – Sun
  2. Color – Red
  3. Chemical formula – Al2O3-Red
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Trigonal
  6. Gravity – 3.98 Approx.
  7. Refraction – 1.762 – 1770
  8. Element – Fire ( Agni Tatva )

.

बीज मंत्र करते समय होने वाली अनुभूति

जब हम बीज मंत्र करना शुरू करते है तब हमे कुछ अनुभूतिया होती है जैसे आँखों में आंसू आना या आंखे नम हो जाना या फिर उबासी आना या ऐसा भी होता है की नींद सी आने लगती है कभी कभी तो ऐसा लगता है जैसे शरीर पर चीटिया चल रही हो या फिर शरीर में झनझनाहट होती है जैसे वाइब्रेशन हो रहे हो यह सब स्वाभाविक बाते है जो होती है क्योकि उस समय नकारात्मक ऊर्जा शरीर से बाहर निकलती है या मंत्रो की सकारात्मक शक्ति का विरोध करती है पर धीरे धीरे यह सब होना बंद हो जाता है और हमारा मन भी मंत्रो में लगता है और मंत्रो का सकारात्मक परिणाम हमारे जीवन में दिखने लगता है।

दान

1.किसी भी मारक ग्रह का दान उसकी दशा-अंतर्दशा में ही करें

  1. जिस देवता का आप दान कर रहे हैं वह उसके वार को ही करें जैसे मंगल देव का मंगलवार को शनि देव का शनिवार को बृहस्पति देव का गुरुवार को शुक्र देव का शुक्रवार को चंद्र देव का सोमवार को सूर्य देव का रविवार को और राहु और केतु देव का दान शनिवार को किया जाता है
  2. दान की जो लिस्ट है उस में से किसी एक वस्तु का दान आप कर सकते हैं ₹50 तक का हर सप्ताह
  3. दान किसी गरीब या जरूरतमंद इंसान को ही करें

बीज मंत्र के सकारात्मक परिणाम

अगर आप किसी भी देव के बीज मंत्र को करते हैं तो वह ग्रह हंड्रेड परसेंट पावरफुल हो जाएगा और उस ग्रह के आपको सकारात्मक रिजल्ट ही मिलेंगे भले वह ग्रह आपकी कुंडली में योगकारक हो या फिर मारक हो क्योंकि हमारे शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा जी ने बाध्य किया है नौ ग्रहों को कि अगर कोई आपके बीज मंत्र का जाप करता है ,आपको नमन करता है तो उन्हें आप पोजिटिव ही रिजल्ट देंगे

सभी ग्रहों के बीज मंत्र


ॐ ब्रह्म बृहस्पतए नमः – गुरु( बृह.)
ॐ घृणि: सूर्याय नमः – सूर्य देव
ॐ बू° बुधाय नमः – बुद्धदेव
ॐ सोम सोमाय नमः – चंद्रदेव
ॐ शु° शुक्राय नमः – शुक्र देव
ॐ शं शनैश्चराय नमः – शनि देव
ॐ अं अंगारकाय नमः – मंगल देव
ॐ रा° राहवे नमः – राहु देव
ॐ के° केतवे नमः – केतु देव

बीज मंत्र विधि

किसी भी देवता के बीज मंत्र करने की विधि
1.बीज मंत्र आप कहीं भी कर सकते हैं जरूरी नहीं है कि आप घर के मंदिर में बैठकर ही बीज मंत्र का जाप करें
2.बीज मंत्र आप बैठ कर करें और किसी आसन पर बैठकर बीज मंत्र का जाप करें
3.बीज मंत्र करते समय आपका मुख उत्तर दिशा या पूर्व दिशा में होना चाहिए

  1. हो सके तो बीज मंत्र करते समय एक दीपक जलाएं
  2. किसी भी देवता के बीज मंत्र का जाप आपको 1 दिन में 108 बार ही करना है ऐसे आप कितने भी देवताओं के बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं
  3. शनि देव और राहु देव के बीज मंत्र शाम 6 बजे बात करने से ज्यादा अच्छे रिजल्ट मिलते हैं और बाकी सभी ग्रहों के बीज मंत्र दिन में कभी भी कर सकते हैं शाम 6:00 बजे से पहले
  4. बीज मंत्र का जाप आप रुद्राक्ष की माला से कर सकते हैं रुद्राक्ष की माला ही एक ऐसी माला है जिससे आप किसी भी देवता के बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं
  5. जिस देवता के बीज मंत्र का आप जाप कर रहे हैं उसे उसके वार से शुरू करें,,, जैसे सूर्य देव का रविवार से चंद्र देव का सोमवार से बृहस्पति देव का गुरुवार से मंगल देव का मंगलवार से राहु देव और केतु देव का शनिवार से इस तरह
  6. जब आप बीज मंत्र का जाप कर रहे हैं तो अपने पास एक गिलास या लौटे में पानी जरूर रखें और उस दिन के बीज मंत्र करने के बाद उस जल को आप ग्रहण( जल को पीना है) करें

रत्न और रुद्राक्ष के लाभ

रत्न और रुद्राक्ष धारण करने से जो कमजोर ग्रह हैं वह स्ट्रांग हो जाएंगे और जिस घर में वह बैठे हैं और जिन राशियों के ग्रह मालिक है उस से रिलेटेड आप को पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे और अगर आप बीज मंत्र का जाप करते हैं तो उस ग्रह से रिलेटेड आप को पॉजिटिव ही रिजल्ट मिलेंगे भले वह ग्रह आपकी कुंडली में योगकारक हो या फिर आपकी कुंडली में मारक हो इसलिए दशा और अंतर्दशा के अनुसार बीज मंत्र के जाप करने हैं और ग्रहों को स्ट्रांग करने के लिए आपको रत्न धारण करने हैं ऐसा करने से आपके जीवन में सब कुछ पॉजिटिव हो जाएगा