रत्न परिक्षण के समय पर रिफ्रेक्टोमीटर का उपयोग किया जाता है इससे रत्न के रिफ्रैक्शन पता चल जाता है और हम बोहोत ही आसान तरीके से गड़ना करके यह बता सकते है की रत्न असली हे भी या नहीं क्यों हर रत्न का रिफ्रैक्शन अलग अलग होता है
KUDWAL GEMS वेबसाइट से आर्डर कैसे करे ? www.kudwalgemslab.com
1 . आप जो भी GEMS या रुद्राक्ष लेना चाहते है उसे रत्ती के अनुसार AD TO CART कर लीजिये और अगर आप पेन्डेन्ट के साथ या अंगूठी के साथ रत्न लेना चाहते है तो वो ऑप्शन भी आपको वहा मिल जाएगा, आर्डर के बाद आपको WhatsApp नंबर (7737285103) पर रिंग का साइज देना होगा।
2. AD TO CART के बाद आप को और कोई भी रत्न ऐड करना चाहते है या रुद्राक्ष ऐड करना चाहते है तो वो भी कर सकते है, वो एक साथ ही ऐड हो जाएंगे फिर आप चेक आउट कर सकते है।
3. चेक आउट के बाद अपना कम्पलीट एड्रेस लिख दीजिये और लैंडमार्क भी लिखे और कम से क 2 फ़ोन नंबर लिख दीजिये।
4. फिर आपको वही पर पेमेंट का ऑप्शन मिल जायेगा , ऑनलाइन वही पैमेंट करने के बाद आपका आर्डर नंबर जनरेट हो जाएगा , वह नंबर आपको व्हाट्सप्प (7737285103) पर देना है।
5. आर्डर करने के 48 घंटे में आपका पार्सल डिस्पैच हो जाएगा पार्सल की फोटो आपके WhatsAPP नंबर पर भेजी जाएगी और नेक्स्ट डे आपको पार्सल का ट्रैकिंग नंबर भी दे दिया जाएगा।
6. ट्रैकिंग नंबर से आप अपने पार्सल को ट्रैक कर सकते है कि कहाँ तक आपका पार्सल पोहोचा है।
7. हमारे यहां से पार्सल डिस्पैच होने के 7 से 10 दिन में पार्सल आपके घर तक पोहोच जाएगा।
8. इंडिया और विदेश के हर कोने में हमारे यहां से रत्न और रुद्राक्ष भेजे जाते है भले ही आप किसी छोटे से गांव या कसबे से हो या फिर विदेश के किसी भी हिस्से से।
नाड़ी दोष
किसी सॉफ्टवेयर में अगर कुंडली मिलान के समय नाड़ी दोष दिखा रहा है तो बिलकुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है लगभग 95 % कुंडली में यह दोष भंग हो जाता है जब आगे के नियम लगाए जाते है।
वर-वधू दोनों का जन्म एक ही नक्षत्र के अलग-अलग चरणों में हुआ हो तो वर-वधू की नाड़ी एक होने के पश्चात भी नाड़ी दोष नहीं बनता।
वर-वधू दोनों की जन्म राशि एक ही हो किन्तु नक्षत्र अलग-अलग हों तो वर-वधू की नाड़ी एक होने के पश्चात भी नाड़ी दोष नहीं बनता।
How to test a Gemstone
| The easiest way to test a gemstone for cutting is to place the |
| gemstone face up on your hand and see how clearly you can see your |
| hand through the center of the stone. The less you can see-through the |
| center of the stone, the better that gemstone is cut. |

मिथुन राशि , कर्क राशि , तुला राशि , वृश्चिक राशि पर शनिदेव की ढैया
| मिथुन राशि | ढैय्या | 24 जनवरी 2020 | 29 अप्रैल 2022 |
| कर्क राशि | ढैय्या | 29 अप्रैल 2022 | 29 मार्च 2025 |
| तुला राशि | ढैय्या | 24 जनवरी 2020 | 29 अप्रैल 2022 |
| वृश्चिक राशि | ढैय्या | 29 अप्रैल 2022 | 29 मार्च 2025 |
ग्रहो की दशा का समय और उनके नक्षत्र
| Sr. No. | गृह | वर्ष | नक्षत्र | ||
| 1 | केतु | 07 वर्ष | मघा | मूला | अश्विनी |
| 2 | शुक्र | 20 वर्ष | पूर्वा फाल्गुणी | पूर्वा आषाढा | भरणी |
| 3 | सूर्य | 6 वर्ष | कृ्तिका | उतरा फाल्गुणी | उतरा आषाढा |
| 4 | चन्द्र | 10 वर्ष | रोहिणी | हस्त | श्रवण |
| 5 | मंगल | 07 वर्ष | मृ्गशिरा | चित्रा | घनिष्ठा |
| 6 | राहू | 18 वर्ष | आद्रा | स्वाति | शतभिषा |
| 7 | गुरु | 16 वर्ष | पुनर्वसु | विशाखा | पूर्व भाद्रपद |
| 8 | शनि | 19 वर्ष | पुष्य | अनुराधा | उतरा भाद्रपद |
| 9 | बुध | 17 वर्ष | आश्लेषा | ज्येष्ठा | रेवती |
रत्न का प्रभाव
कोई भी रत्न धारण करने से उस कि पावर बढ़ती है और यह बात भी सही है कि ग्रहो कि कमजोर इस्थिति को रत्न के माध्यम से अच्छा किया जा सकता है पर यह भी देखना जरूरी है कि जिस गृह का हम रत्न धारण कर रहे है वह गृह कुंडली में सही जगह बैठा हो और सही राशि में बैठा हो
क्योकि कभी कभी गलत रत्न धारण करने से वह घर एक्टिवटे हो जाता है जो कुंडली में अच्छा घर नहीं है कभी कभी तो लोग शोक ही शोक में डायमंड भी पहन लेते है जबकि कुंडली में शुक्र देव मारक होते है और उनके जीवन में दुर्घटना जैसे बड़े हादसे होते हुए देखे है।

