Kudwal Gems Lab

नीलम रत्न धारण करने से पहले इस पोस्ट का अवश्य अध्यन करे।Before wearing Blue Sapphire gemstone, you must read this post.

शनि देव का रत्न है “नीलम”
अगर आपकी कुंडली में शनि देव की डिग्री कम है
या फिर शनि देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और षटबल में कमजोर है तो
आप नीलम रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे शनि देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि शनि देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर शनि देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Blue Sapphire is the gemstone of Shani Dev ( Saturn )
If the degree of Shani Dev is less in your horoscope
Or if Shani Dev is in a weak state sitting in the enemy’s house or is set by Sun God and is weak in Shatabala.
You can wear Blue Sapphire gem but keep in mind that Shani Dev is not in the house on 6.8.12
Neither it should be of debilitated nor in 3rd house otherwise this gem will start giving you negative results.
Because when the power of Shani Dev increases, he will activate the negative house.
If Shani Dev is sitting in a negative house, then there is a different way to make him positive.

Basic Information about Blue Sapphire – neelam

  1. Ruling Planet – Saturn
  2. Color – Blue
  3. Chemical formula – Al2O3-Blue
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Trigonal
  6. Gravity – 3.98 Approx.
  7. Refraction – 1.762 – 1770
  8. Element – Air ( Vayu Tatva )

बृहस्पति देव का रत्न पीला पुखराज धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

बृहस्पति देव का रत्न पीला पुखराज रत्न है
अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति देव की डिग्री कम है
या फिर बृहस्पति देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और षटबल में कमजोर है तो
आप पीला पुखराज रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे बृहस्पति देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि बृहस्पति देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर बृहस्पति देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information about Yellow Sapphire

  1. Ruling Planet – Jupitar
  2. Color – Yellow
  3. Chemical formula – Al2O3-Yellow
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Trigonal
  6. Gravity – 3.98 Approx.
  7. Refraction – 1.762 – 1770
  8. Element – Sky ( Akash Tatva )

बुध देव का रत्न पन्ना धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

बुध देव का रत्न पन्ना रत्न है
अगर आपकी कुंडली में बुध देव डिग्री कम है
या फिर बुध देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और षटबल में कमजोर है तो
आप पन्ना रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे शुक्र देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि बुध देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर बुध देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic information about Emerald

  1. Ruling Planet – Mercury
  2. Color – Green
  3. Chemical formula – Be3Al2(SiO3)6
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Hexagonal (6/m 2/m 2/m)
  6. Gravity – 2.68 Approx.
  7. Refraction – 1.570- 1.580
  8. Element – Eeath ( Prathvi Tatva )

शुक्र देव का रत्न वाइट टोपाज धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

शुक्र देव का रत्न वाइट टोपाज रत्न है
अगर आपकी कुंडली में शुक्र देव डिग्री की कम है
या फिर शुक्र देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और षटबल में कमजोर है तो
आप वाइट टोपाज रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे शुक्र देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि शुक्र देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर शुक्र देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information About White Topaz

  1. Ruling Planet – Venus
  2. Color – White
  3. Chemical formula – Al2SiO4(F,OH)2-White
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Orthorhombic
  6. Gravity – 3.51 Approx.
  7. Refraction – 1.60-1.64
  8. Elemant – Water ( Jal Tatva )

मंगल देव का रत्न मूंगा धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

मंगल देव का रत्न मूंगा रत्न है इसे अंग्रेजी भाषा में कोरल जेमस्टोन के नाम से जाना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में मंगल देव की डिग्री कम है
या फिर मंगल देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या सूर्य देव से अस्त है और शतबल में कमजोर है तो
आप मूंगा रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे मंगल देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएगा
क्योकि मंगल देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर मंगल देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।
Basic Information OF coral Gemstone

  1. Ruling Planet – Mars
  2. Color – Red
  3. Chemical formula – Ca Co 3 – Red
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Orthorhombic
  6. Gravity – 2.60 Approx.
  7. Refraction – 1.55 ( Spot )
  8. Element – Fire ( Agni Tatva )

चंद्र देव का रत्न मोती (Pearl) धारण करते समय रखे इन बातो का ध्यान

चंद्र देव का रत्न मोती रत्न है इसे अंग्रेजी भाषा में पर्ल जेमस्टोन के नाम से जाना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में चंद्र देव को ग्रहण दोष लगा है या चंद्र देव की डिग्री कम है
या फिर चंद्र देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है या केमद्रुम दोष है या अमावस्या दोष है तो ऐसे में
आप मोती रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे चंद्र देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएंगे
क्योकिचंद्र देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर चंद्र देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information of Pearl

  1. Ruling Planet – Moon
  2. Color – White
  3. Chemical formula – Ca Co 3
  4. Luster – Semi Vitreous
  5. Crystal – Orthorhombic
  6. Gravity – 2.76 Approx.
  7. Refraction – 1.53 ( Spot )
  8. Element-water ( Jal Tatva )

सूर्य देव का रत्न मानक(Ruby)धारण करते समय ध्यान रखे इन बातो का

सूर्य देव का रत्न मानक रत्न है इसे अंग्रेजी भाषा में रूबी जेमस्टोन के नाम से जाना जाता है।
अगर आपकी कुंडली में सूर्य देव को ग्रहण दोष लगा है या सूर्य देव की डिग्री कम है
या फिर सूर्य देव शत्रु के घर में बैठ क़र कमजोर अवस्था में है तो ऐसे में
आप मानक रत्न धारण क़र सकते है पर ध्यान रहे सूर्य देव ६..८..१२ घर में न हो
न ही वह नीच के हो और न ही ३ हाउस में हो नहीं तो यही रत्न आपको नकारात्मक रिजल्ट देने लग जाएंगे
क्योकि सूर्य देव की पावर बढ़ने पर वह नेगेटिव हाउस को एक्टिवटे क़र देंगे।
अगर सूर्य देव नकारात्मक घर में बैठे हो तो उन्हें सकारात्मक करने का अलग है तरीका।

Basic Information of Ruby Gemstone

  1. Ruling Planet – Sun
  2. Color – Red
  3. Chemical formula – Al2O3-Red
  4. Luster – Vitreous
  5. Crystal – Trigonal
  6. Gravity – 3.98 Approx.
  7. Refraction – 1.762 – 1770
  8. Element – Fire ( Agni Tatva )

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रत्न और रुद्राक्ष के लाभ

रत्न और रुद्राक्ष धारण करने से जो कमजोर ग्रह हैं वह स्ट्रांग हो जाएंगे और जिस घर में वह बैठे हैं और जिन राशियों के ग्रह मालिक है उस से रिलेटेड आप को पॉजिटिव रिजल्ट मिलेंगे और अगर आप बीज मंत्र का जाप करते हैं तो उस ग्रह से रिलेटेड आप को पॉजिटिव ही रिजल्ट मिलेंगे भले वह ग्रह आपकी कुंडली में योगकारक हो या फिर आपकी कुंडली में मारक हो इसलिए दशा और अंतर्दशा के अनुसार बीज मंत्र के जाप करने हैं और ग्रहों को स्ट्रांग करने के लिए आपको रत्न धारण करने हैं ऐसा करने से आपके जीवन में सब कुछ पॉजिटिव हो जाएगा

World of Gemstones – Know about Gemstones and its Effects | रत्नों की दुनिया – जाने रत्न और उनके प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का वर्णन किया गया है और उपाय के रूप में रत्नों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त किया जा सकता है अगर कोई भी व्यक्ति विधि विधान से रत्न धारण करता है तो निश्चित ही उसे उसका सकारात्मक परिणाम प्राप्त होता है लेकिन ऐसे ही कोई भी रत्न अगर हम धारण कर लेते हैं तो उसके हमें नकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं क्योंकि रत्न का एक ही काम है कि जिस भी ग्रह का रत्न आपने धारण किया है वह उसकी ऊर्जा को बढ़ा देगा और अगर वह ग्रह जिसका रत्न आप धारण कर रहे हैं वह कुंडली में नकारात्मक हुआ मतलब मारक ग्रह हुआ तो मारक ग्रह की उर्जा भर जाएगी और उस ग्रह से आपको नकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे

इसलिए रत्न धारण करने से पहले कुंडली विश्लेषण करवाना बहुत आवश्यक है क्योंकि रत्न कौन सा हमें अच्छा परिणाम देगा इसके लिए हमें बहुत सी चीजों का ध्यान रखना होता है जैसे की कुंडली में वह ग्रह किस घर में बैठा है और चलित कुंडली में वह ग्रह किस घर में जा रहा है और भी ऐसी बातें देखनी होती है जिसके आधार पर यह निश्चित हो जाता है कि यह ग्रह कुंडली में कमजोर है और उसका रत्न धारण करना आवश्यक है क्योंकि जब उसका रत्न हम धारण करेंगे तो उस ग्रह की पावर बढ़ेगी और वह हमें सकारात्मक परिणाम देने में सक्षम हो जाएगा

रत्न धारण करने से पहले उसकी गुणवत्ता को भी देखना होता है और जो भी हम रत्न धारण करें वह विधि विधान से धारण करें और प्रयास करें कि हम मांस का सेवन ना करें और जितनी भी नकारात्मक चीजें होती है उनसे दूर रहें तो ही हमें रत्न रुद्राक्ष और मंत्रों का सकारात्मक परिणाम मिल पाएगा अन्यथा हम ज्योतिष के उपाय करने के बावजूद भी नकारात्मक परिस्थितियों से ही गिरे रहेंगे